भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फूले की जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई।

भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फूले की जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई।

शिक्षा समाज की धुरी है। माली समाज शिक्षा के माध्यम से न केवल आगे बढ़ सकता है , अपितु देश के भीतर परिवर्तन भी ला सकता है । भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फूले इसका अनुकरणीय उदाहरण है । सभी महिलाओं को उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिये । उन्होंने यह भी कहा कि सावित्री बाई फूले देश पहली महिला अध्यापिका व नारी मुक्ति आंदोलन की पहली थी । लेकिन एक ऐसी महिला जिन्होंने उन्नीसवीं सदी में हुआछूत , सतीप्रथा , बाल विवाह , तथा विधवा विवाह निषेध जैसी कुरीतियां के विरूद्ध अपने पति महात्मा ज्योतिबा फूले के साथ मिलकर काम किया पर उसे आज हिंदुस्तान ने भुला दिया । ऐसी महिला को हमारा शत हाथ जोड़कर नमन ... समारोह में माली समाज के पूर्व अध्यक्ष बंशीलाल माली व माली सैनी युवा महासभा के जिलाध्यक्ष हरनारायण माली ने सावित्री बाई फूले की शिक्षाओं को जीवन में उतार कर एवं उन पर अमल करने पर जोर दिया तथा शिक्षा क्षेत्र में हालही हो रहे आमूलचूल परिवर्तनों को भी अपनाने की बात कही । कार्यक्रम के पूर्व फूले के अनुयायियों ने सावित्री बाई फूले एवं महात्मा ज्योतिबा फूले की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सजदा किया । इस अवसर पर युवा महासभा के शहर अध्यक्ष देवीलाल माली , माली समाज सेवा संस्थान , पुर के अध्यक्ष भैरू माली , नानूराम गोयल , शंकरलाल गोयल , सैनी , लक्ष्मण सरिवाल , जगदीश चंद्र माली , संतोष चन्देल , संजय औदिच्य , पुषालाल तुन्दवाल , कैलाश रागस्या , कन्हैयालाल माली , मूलचंद छुलिवाल , संजय शर्मा , कालू मौरी , शंभु बुलिवाल , जगदीश गढ़वाल , भंवर लाल माली , चौथमल रागस्या , अध्यापिका श्रीमती रंजना वर्मा , श्रीमती कौशल्या शर्मा , सम्पत बुलिवाल , गणपत माली सहित राजकीय बालिका विद्यालय की छात्राएं उपस्थित थी । मनाई गई । भारत की प्रथम महिला शिक्षिका प्रगति सावित्री बाई फूले की जयंती के अवसर पर पुष्पाजली कार्यक्रम के तत्पश्चात् " आज के दौर में कितनी प्रासंगिक है सावित्री बाई पर व्याख्यान माला भी आयोजित की गई । इस अवसर पर पूले सेवा संस्थान के अध्यक्ष गोपाल लाल स्मार्ट हलचल पंकज पोरवाल भीलवाड़ा भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फूले की 191 वीं जयंती फूले सेवा संस्थान के तत्वावधान में स्कूली छात्राओं एवं अध्यापिकाओं के साथ महात्मा फूले , ज्योतिबा फुले मूर्ति परिसर में सावित्री बाई फूले के चित्र के समक्ष पुष्पाजली माली ने सावित्री बाई फूले द्वारा किये गये कार्यों की महत्ता बताते हुए कहा कि शिक्षा समाज की धुरी है कोई भी अर्पित कर प्रेरणा दिवस के रूप में लापिया गांव से विवाहिता लापता एनएसयूआई ने दिया तीन सूत्रीय मांग को लेकर ज्ञान पान हुआ।

Ramesh Bhavan Bhai Mali

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