समाज को समर्पित स्व श्री जगदीश जी परिहार जोधपुर का जीवन परिचय

समाज को समर्पित स्व श्री जगदीश जी परिहार जोधपुर का जीवन परिचय

माली सैनी समाज के पथ प्रदर्शक एवं प्रेरणा स्रोत-स्व. श्री जगदीश सिंह जी परिहार (पुत्र स्व.सेठ भीकमदास जी परिहार एवं पिताश्री श्रीमान सुनील जी परिहार) आपका जन्म 21- 8- 1935 को पिताश्री सेठ भीकमदासजी परिहार एवं माता श्रीमती छिनियां देवी के यहां जोधपुर में हुआ। आपने हाई स्कूल उमेद स्कूल तथा बी. काम महाराजा कुमार कॉलेज से उत्तीर्ण किया। आपका विवाह श्रीमती शांति देवी पुत्री ठेकेदार श्री भजन सिंह जी भाटी से 1955 में संपन्न हुआ। आपने जोधपुर में माली नवयुवक संघ का गठन किया। सन 1961 में निम्बोडा नाथ फालना में संयोजक श्री पृथ्वी सिंह कच्छावाहा व श्री आनंद सिंह कछवाहा (विधायक) की अध्यक्षता में राजस्थान माली सैनी समाज का सम्मेलन करवाया। उस सम्मेलन में आपको राजस्थान माली सैनी नवयुवक संघ का संयोजक बनाया गया। आपने राजस्थान के कई जिलों में भ्रमण करके प्रदेश नवयुवक संघ की इकाइयों की स्थापना की। आप जोधपुर जिला युवक कांग्रेस के संयोजक तथा राजस्थान प्रदेश युवक कांग्रेस के सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे। राष्ट्रीय छात्र संगठन की प्रदेश शाखा के गठन में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। आपने जोधपुर जिला कांग्रेस के महामंत्री पद पर भी सफलतापूर्वक कार्य किया। आपने मंडोर, चैनपुरा, पुंजला, बासनी गांव की नेहडा विकास समिति तथा सूरसागर विकास समिति का गठन करवाया तथा कई विकास कार्य करवाए। शैक्षणिक क्षेत्र में स्वर्गीय सेठ शिवराम नत्थूजी टाक प्राथमिक विद्यालय को माध्यमिक विद्यालय के रूप में क्रमोन्नत करवाना, चैनपुरा हायर सेकेंडरी विद्यालय में विज्ञान तथा वाणिज्य विषय प्रारंभ करवाना प्रमुख है। आप सन 1977 -78 में कांग्रेस पार्टी छोड़कर जनता दल में प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर रहे तथा ओसियां विधानसभा क्षेत्र से जनता दल के प्रत्याशी के रूप में खड़े हुए परंतु विजय श्री से वंचित रह गए। आप 1993 से राजस्थान प्रदेश माली सैनी महासभा के संरक्षक पद पर रहे। आपने पुष्कर, मकराना, मातृकुंडिया, अहमदाबाद, जयपुर, फालना, भीलवाड़ा, बीकानेर, बारां, नागौर, सिरोही, सुंधा पर्वत, निम्बेश्वर महादेव फालना, मुंबई आदि समाज सम्मेलन में भाग लिया व मार्गदर्शन किया तथा समाज भवनों छात्रावासों शिक्षा, संगठन, सम्मेलनों आदि के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार वे जीवन पर्यंत समाज के विकास के लिए समर्पित रहे। अपने समाज के विद्यार्थियों के लिए जोधपुर में छात्रावास की स्थापना में आपका महत्वपूर्ण सहयोग रहा। मैंने 1968 में श्रीमान जगदीश सिंह जी परिहार साहब को छात्रावास की आवश्यकता से अवगत कराया था, उन्होंने मुझे उसी समय भरोसा दिलाया था कि मैं अपने पिताजी (स्वर्गीय सेठ भीकमदास जी परिहार ) से बात करूंगा, वे अपने समाज के लिए भवन बनाकर देने के इच्छुक हैं। अतः आपके प्रयासों से आपके पिताश्री स्वर्गीय सेठ भीकमदास जी परिहार ने 1970 में भाटी चौराया रातानाडा जोधपुर में एक भवन खरीद कर सेठ भीकमदास परिहार शिक्षा सेवा सदन के नाम से छात्रावास का शुभारंभ किया। जोधपुर में अपने समाज का छात्रावास होने के पश्चात बाहर से आने वाले विद्यार्थियों के लिए बहुत सुविधा उपलब्ध हुई जिसके फलस्वरूप बहुत से युवा प्रेरित होकर शिक्षा के क्षेत्र में अग्रसर होते हुए अपने जीवन में उन्नति के शिखर पर पहुंचने में कामयाब हो सके। स्वर्गीय सेठ भीकमदास जी परिहार एवं स्वर्गीय सेठ श्री जगदीश सिंह जी परिहार के द्वारा स्थापित माली छात्रावास के लिए राजस्थान माली सैनी समाज हमेशा आपका ऋणी रहेगा। इस प्रकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले श्रीमान जगदीश जी परिहार का स्वर्गवास दिनांक 18 मार्च 2018 को हुआ। भगवान आपकी स्वर्गीय आत्मा को शांति प्रदान करें एवं अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें, शत् शत् नमन। जय ज्योति जय क्रांति

Sunil Kumar Saini

Sunil Kumar Saini

Pakori dhani, Jhunjhunu, Jhunjhunu, Rajasthan

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