अनीति व अन्याय से लड़कर समाज का नाम रोशन करने वाली दंपति श्रीमतीअनिता सैनी व श्री मुरली मनोहर सैनी झुंझुनू

अनीति व अन्याय से लड़कर समाज का नाम रोशन करने वाली दंपति श्रीमतीअनिता सैनी व श्री मुरली मनोहर सैनी झुंझुनू

🌹अनीति और अन्याय से लड़ने वाली आदर्श दंपत्ति🌹 🪴 पूज्या श्रीमती अनिता सैनी,पूर्व उप प्रधान, नवलगढ़ एवं एडवोकेट पूज्य श्री मुरली मनोहर सैनी नवलगढ़🪴 ☘️ हमारी सोच को जो हिला न सके, वो जज्बात क्या है, इन परेशानियों से जो हुई है,वह मुलाकात क्या है। हम तो लिखने आए हैं, एक दास्तान धरती पर मिटा सके जो वजूद हमारा, जिंदगी की औकात क्या है।।☘️ 💐 जिंदगी तो सभी लोग जीते हैं लेकिन खास वे लोग होते हैं जो किसी खास मकसद के लिए जीते हैं। ऐसी ही त्याग,दया, सेवा,सहयोग,सहानुभूति,ममता तथा करुणा की साक्षात् प्रतिमूर्ति,विलक्षण प्रतिभा की धनी, लोकसेवी, प्रतिभा संपन्न,रूप,गुण,शील तथा कर्तव्य अकर्तव्य का ध्यान रखने वाली, संवेदना तथा सहानुभूति की देवी, जनता जनार्दन की सेवा के लिए कटिबद्ध, मधुरता, स्वच्छता, सादगी और सज्जनता की मिसाल, सामाजिक चिंतक एवं सत्यम् शिवम् सुन्दरम् ध्येय वाक्य पर चलने वाली पूज्य श्रीमती अनिता सैनी का जन्म शिक्षा नगरी,बगङ की पुण्य धरा पर पूजनीय पिताश्री बाबूलालजी सैनी व ममतामयी मातुश्री पूजनीया श्रीमती पार्वतीदेवी की पवित्र कुक्षि से हुआ। आपकी प्रारंभिक शिक्षा राजस्थान विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय,बगङ से तथा माध्यमिक शिक्षा पीरामल बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बगड़ से पूर्ण हुई। अध्ययन में कुशल तथा औसत होने के साथ-साथ आप गृहकार्य व गृहविज्ञान में दक्ष और पारंगत थी। आपके पितामह परमपूज्य श्री बनवारीलाल जी सैनी,प्रख्यात व्यक्तित्व के धनी थे ,जो डाकघर में नौकरी करने के कारण लब्धप्रतिष्ठित व्यक्ति थे। आपके पिताश्री आदरणीय श्री बाबूलाल जी सैनी उच्च कोटि के समाजसेवी हैं तथा बगङ सैनी सभा के सक्रिय पदाधिकारी भी रहे हैं। इस प्रकार पारिवारिक संस्कार समाजसेवा से परिपूरित होने के कारण उनका प्रभाव श्रीमती अनिता सैनी के जीवन पर पङना स्वाभाविक तौर अवश्यम्भावी था। अपने संस्कारों व भावी जीवन के सपनों को ह्रदय में धारण किए हुए 1 दिसम्बर 2001 को अपने मायके से ससुराल,नवलगढ के लिए विदा हुई। 🌹एडवोकेट पूज्य श्री मुरली मनोहर सैनी नवलगढ़🌹 💐 शांति और अहिंसा का अर्थ कायरता नहीं होता है। समाज रक्षा के लिए उठाया गया शस्त्र अपने आप में नैतिक साहस से भरा कदम होता है। ऐसे अपने साहस और निर्भयता से समाज बंधुओं में अपूर्व जोश भरने वाले, समाज को ऊपर उठाने में भावनाओं व नैतिकता को ही विजय का मुख्य कारण मानने वाले, अपनी जवानी के दिनों में अपनी समस्त महत्वाकांक्षाओं को त्याग कर समाज पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध लड़ने का निश्चय करने वाले, आपके युवा ह्रदय में भावनाओं का ज्वार तो प्रबल वेग से उमङ रहा था। शक्ति,शौर्य और मनोबल से भरपूर,शारीरिक व मानसिक संतुलन को बनाकर रखने वाले, आत्मिक शक्ति और मनोबल के सहारे समाज के लिए हर पल कर्मठता के साथ खड़े रहने वाले, आपका व्यक्तित्व बड़ा प्रभावशाली ,संघर्षशील तथा अन्याय व अनीति के विरुद्ध जूझने वाला तथा परसेवा का परिचायक रहा है। आपश्री को लोकमंगल और मानवता के उत्थान की एक आग्रही उपकार के प्रतिनिधि के रूप में समाज बन्धु देखते हैं। लोक संस्कृति और समाज के प्रधान उन्नायक, बङे उदार, गंभीर, मगर लालित्यपूर्ण समाज सेवा के लिए एक उत्कृष्ट नाम आदरणीय श्री मुरली मनोहर सैनी जी का आता है। 🌷 खुशियां हो या गम हो हमें हर हाल में हंसना है। पाना है अपनी मंजिलों को और एक नया इतिहास रचाना है🌷।। 💐पूज्य श्री मुरली मनोहर सैनी का जन्म पूजनीय पिताश्री मंगलचंद जी सैनी एवं पूज्या माताश्री आदरणीया श्रीमती गीतादेवी जी की कोख से एक संभ्रांत परिवार में नवलगढ़ में हुआ। अपनी प्रारंभिक शिक्षा, नवलगढ़ से पूर्ण करने के बाद स्पोर्ट्स स्कूल ,बीकानेर में छठी कक्षा में दाखिला लिया। तत्पश्चात दसवीं बोर्ड परीक्षा आपने आदरणीय मामाजी श्री रामधनजी सैनी के संरक्षण में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय,नूनिया गोठङा से उत्तीर्ण की। तत्पश्चात बारहवीं कक्षा एनके पब्लिक स्कूल,जयपुर से उत्तीर्ण कर, पोदार कॉलेज, नवलगढ़ से स्नातक तथा राजनीति विज्ञान से स्नातकोत्तर की परीक्षाएं उत्तीर्ण कर,शिक्षा क्रम को आगे जारी रखते हुए 2004 में एलएलबी तथा 2005 में डीसीएल की डिग्री प्राप्त की। स्पोर्ट्स स्कूल में पढ़ने के कारण खेल के क्षेत्र में आप में प्रतिभा के साथ-साथ विशेष रूचि थी। आप फुटबॉल के उत्कृष्ट राष्ट्रीय खिलाड़ी रहे हैं। आपने अनेक फुटबॉल प्रतिस्पर्धा में पदक जीते हैं। महाविद्यालय में पढ़ते हुए आपने पोदार महाविद्यालय, नवलगढ़ से छात्रसंघ चुनाव में संयुक्त सचिव पद पर चुनाव लड़ा लेकिन बदकिस्मती से 3 मतों से चुनाव हार गए। 💐 जून 1998 में ओबीसी में जाटों को आरक्षण देने के कारण आप ने विरोध स्वरूप राज्य भर में आंदोलन का ढांचा तैयार किया। राज्य स्तर पर सैनी परिषद का गठन अन्य समाज के युवा साथियों के साथ मिलकर किया। इसी क्रम में आरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने लिए प्रदेश और जिले में जगह-जगह भ्रमण कर लोगों में जनजागृति पैदा करने तथा जाटों को आरक्षण में सम्मिलित नहीं करने हेतु विरोध दर्ज कराने में कोई कसर नहीं छोङी। इस संदर्भ में अनेक सामाजिक साथी जिनमें श्री सुरेंद्र जी सिंघानिया, श्री शेरसिंह जी सैनी सूरजगढ़, श्री महेश जी सैनी गुढा, श्री अनिल जी सैनी इस्लामपुर, श्री शीशराम जी राजोरिया झुंझुनू ,श्री रणवीरजी सैनी सिंघाना, श्री महेशजी कटारिया,पिलानी, श्री संजय सिंगोदिया झुंझुनूं, श्री सत्यवीर सैनी कायस्थपुरा सहित अनेक युवा समाज बन्धुओ ने इस कार्य में आपका पूर्णरूपेण सहयोग किया। मैं स्वयं भी आरक्षण आन्दोलन में सक्रिय रहते हुए कंधे से कंधा मिलाकर सम्पूर्ण समय साथ रहा। अप्रैल 1999 में सामाजिक न्याय मंच का गठन हुआ। ऐसी स्थिति में पूर्व आईएएस माननीय श्री सत्यनारायण सिंह जी सैनी और पूर्व विधायक श्री रणवीर सिंह गुढा के आप नजदीक होने के कारण आप सक्रिय रूप से आरक्षण आन्दोलन में सक्रिय हो गए। सन् 1999 में नवलगढ़ पंचायत समिति के बाय ग्राम पंचायत क्षेत्र से आपने पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ा लेकिन मामूली मतों से असफल रहे। 3 जून 2003 से तत्कालीन विधायक श्री भंवरसिंह शेखावत के खिलाफ सैनी समाज की जमीन अवैध रूप से हड़पने के खिलाफ नवलगढ़ तहसील के सामने 62 दिन आन्दोलन का शंखनाद करते हुए जमकर विरोध किया। उसी समय नवलगढ़ संघर्ष समिति का गठन कर आपने जमकर विरोध प्रदर्शन कर विधायक को झुकने को मजबूर किया। इसी प्रकार 2012 में दूडियों की ढाणी में 3 बीघा समाज की जमीन पर कब्जा करने के विरुद्ध आपने लगातार संघर्ष कर समाज को न्याय दिलाने में सफल रहे। इस प्रकार जब जब भी समाज पर अत्याचार, अनाचार और कदाचार हुए हैं आपने अपने संघर्ष को बुलंद किया है। 💐 जैसा ऊपर कहा जा चुका है 1 दिसंबर 2001 को आप बगङ निवासी श्रीमती अनिता सैनी के साथ परिणय सूत्र में बंधे। तत्पश्चात 2010 में आपकी धर्मपत्नी श्रीमती अनिता सैनी ने पंचायत समिति का चुनाव लड़ा और नवलगढ़ पंचायत समिति की उप प्रधान बनने का गौरव प्राप्त किया। 💐 पूज्य श्री मुरली मनोहर जी सैनी जनवरी 2007 से अप्रैल 2018 तक आइडिया प्रीपेड के नवलगढ़ तथा उदयपुरवाटी के डिस्ट्रीब्यूटर रहे हैं। वर्तमान में नवंबर 2015 से लगातार नवलगढ तथा उदयपुरवाटी के सैमसंग मोबाइल के डिस्ट्रीब्यूटर है। साथ ही इस्लामपुर में जगदंबा इंडियन ग्रामीण गैस एजेंसी के नाम से आपकी गैस एजेंसी संचालित है। आपके पार्टनर के रूप में श्री सुनील कुमार सैनी इसके प्रोपराइटर हैं। इस प्रकार आर्थिक रूप से सम्पन्न होने के साथ-साथ सामाजिक हितों पर बहुत अधिक खर्च करने वाले विशाल ह्रदय वाले व्यक्तित्व हैं। नवलगढ़ में ही बाबा रामसा पीर आईटीआई कॉलेज आपकी संचालित है। जिसको आपके अनुज भ्राता श्री सुभाष सैनी द्वारा संचालित किया जा रहा है। 💐एडवोकेट श्री मुरली मनोहर सैनी; सैनी छात्रावास, नवलगढ़ के आजीवन सदस्य हैं। नवलगढ़, सैनी छात्रावास में आपने दो कमरों का निर्माण करवाया गया है। झुंझुनू मुख्यालय पर स्थित सैनी मंदिर में ₹21000 का सहयोग सहित अनेक सामाजिक संस्थाओं में यथायोग्य आर्थिक सहयोग आपने आपनी नेक कमाई से किया है। कोरोना काल में विगत वर्ष आपने 46 दिन तक लगातार आमजन व जरूरतमंद के लिए खाने-पीने व भोजन की व्यवस्था मुहैया कराई। जिसकी नवलगढ प्रशासन तथा आमजन ने सराहना की। साथ ही यातायात के साधन बन्द होने के कारण परेशान यात्रियों के लिए उनके गन्तव्य पथ तक पहुंचाने का कार्य आपने बखूबी किया। यह सभी कार्य आपने निशुल्क रूप से किए, जिसमें समाज के प्रबुद्ध लोगों के द्वारा भी आपको सहयोग दिया गया। इस समय भी आप कोरोना काल में यथायोग्य सहयोग जरूरत मंद के लिए कर रहे है। ऐसी महान शख्सियत पर समाज को बङा गर्व है। एक निर्भीक, साहसी,धैर्यवान,जिजीविषा के धनी,प्रत्युपन्नमति,सार्वजनिक जीवन जीने वाले, निष्ठा की दीप्ति से देदीप्यमान, उत्कृष्ट व्यक्तित्व से विभूषित,प्रभावशाली व तेजस्वी, समाज के प्रति अगाध स्नेह रखने वाले, अपने विचारों को कार्य रूप में परिणित करने वाले, आदर्श के साकार स्वरूप, उदार दृष्टिकोण,मनुष्यों को परखने वाले जौहरी, अहर्निश निष्ठापूर्वक सेवा करने वाले, यथासंभव समाज की सहायता के लिए उद्यत रहने वाले, व्यवहार में वाक् कौशल,ओजस्वी वक्ता,स्पष्टवादी अपनी प्रतिभा और बौद्धिक क्षमता से समाज को समय-समय पर सावधान करते रहने वाले, अपनी योग्यता,लगन,निष्ठा,तीक्ष्णबुद्धि और प्रतिभा के बल पर निरंतर आगे बढ़ने वाले, जुझारू व्यक्तित्व,युवाओं के पथ प्रदर्शक,जनसेवा के मुख्य स्तंभ,प्रगतिशील समाज के पक्षधर एडवोकेट श्री मुरली मनोहर सैनी तथा आपकी अर्धांगिनी श्रीमती अनिता सैनी के उज्जवल और सुखद भविष्य की कामना परमपिता परमेश्वर से करता हूँ। यह आदर्श दम्पत्ति दिन दुगुनी रात चौगुनी उन्नति करते हुए समाज को गौरवान्वित करती रहे। ऐसी प्रार्थना मेरे आराध्य देव से करता हूँ। ☘️प्रेरक व्यक्तित्व- श्री मुरलीमनोहर जी सैनी ने बताया कि विधि महाविद्यालय,चुरू के प्रोफेसर श्री अनिल कुमार सैनी,मोसेरे भाई व्याख्याता श्री दलिप कुमार सैनी,झुंझुनूं तथा श्री महेन्द्र शास्त्री,बगङ मेरे जीवन रूपी बगिया में सुमन खिलाने वाले मेरे प्रेरक व्यक्तित्व हैं। इनका मार्गदर्शन,सहयोग तथा इनकी प्रेरणा से मैने बहुत कुछ जीवन में ग्रहण किया है। इन तीनों व्यक्तित्व का मैं ह्रदय से कोटि कोटि आभार और धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।☘️ 💐 समाज के नाम संदेश में आपने कहा है कि जब तक समाज का सामाजिक ढांचा संगठनात्मक रूप से मजबूत नहीं होगा तब तक समाज का सर्वांगीण विकास नहीं हो सकता।आज समाज छोटे-छोटे खंडों में खंडित है। आपसी वैर विरोध,ईर्ष्या कलह, झगड़ा बढ़ रहे हैं। उनका समापन होना बहुत जरूरी है। जो भी समाज का व्यक्ति जिस क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है उसे सपोर्ट कीजिए। समाज में व्याप्त एक दूसरे के प्रति नफरत और एक दूसरे को नीचा दिखाने के भाव बिल्कुल त्याग दें,तो निश्चित तौर पर यह संख्या में बहुसंख्यक समाज अन्य समाजों की तुलना में हर क्षेत्र में प्रगति पथ पर अग्रसर होगा। स्वयं के हित में सबका हित समाहित है,ऐसी हमारी भावना हो। समाज में व्याप्त कुरीतियों का खात्मा यथाशीघ्र हो। ऐसी विशुद्ध सकारात्मक सोच के धनी पूज्य श्री मुरलीमनोहर जी सैनी निरन्तर रूप से जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफल और उन्नत हों,ऐसी प्रार्थना ईश्वर से करता हूँ। अन्त में दो पंक्तियों के साथ मेरी लेखनी को विराम देना चाहूंगा- 🌷लोगों की बातों का हम पर कोई असर नही कोशिशों में छोङी हमने कोई कसर नहीं। बीत जाएगा वक्त मुझे मेरी मंजिल मिल जाएगी कह दो जमाने वालों से यहां मेरा बसर नहीं।।🌷 🙏जय फुले जय समाज।

Sunil Kumar Saini

Sunil Kumar Saini

Pakori dhani, Jhunjhunu, Jhunjhunu, Rajasthan

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