मूलचंद जी सैनी द्वारा सैनी समाज को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का इतिहास

मूलचंद जी सैनी द्वारा सैनी समाज को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का इतिहास

🌷सेवा एवं मानवता की प्रतिमूर्ति🌷 ☘️पूज्य श्री मूलचन्द जी सैनी,सेवानिवृत्त अधिशाषी अभियन्ता नवलगढ☘️ 💐 सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामयाः की सोच रखने वाले,वही सलिलाएं सागर तक पहुंचती है, जिन्हें तटों की मर्यादा व अनुशासन मान्य होता है। जीवन में उच्चतर लक्ष्यों की प्राप्ति में आत्मानुशासन नियमों व विनियमों के पालक, मानवीय गुणों से संपन्न, धैर्य व समझदारी से निर्णय लेने में सक्षम, विद्या ,ज्ञान व सफलता के जिज्ञासु, आदर्श व्यक्तित्व, अनुशासन ,मर्यादा, परिश्रम ईमानदारी तथा उच्च मानवीय मूल्यों से विभूषित जीवन में मनोवांछित फल जिन्होंने प्राप्त किए हैं ,ऐसे उच्च नैतिक मानकों से परिपूर्ण, परिमार्जित जीवन जीने वाले, सत्संगी, स्वाध्याय और सद् विचारों की खान, साधना पथ के दिशा वाहक,"सर्वम खलु इदं ब्रह्म" और वसुधैव कुटुंबकम् के भाव ह्रदय में धारण किए हुए,प्रतिकूलता से लोहा लेने वाले, दुख को भी प्रगति की सीढी बना लेने में माहिर परम सम्माननीय श्री मूलचन्द जी सैनी XEN साहब अपने आप में एक विराट परिचय हैं। 💐 पूज्य श्री मूलचंद जी सैनी का जन्म 10 जनवरी 1960 को आदरणीय पिताश्री स्व.भोलाराम जी नेताजी एवं आदरणीया माताजी श्रीमती श्योकोरी देवी के घर नवलगढ़ के एक जाने माने समाजसेवी परिवार में हुआ। 💐 आप की प्रारंभिक शिक्षा तथा माध्यमिक शिक्षा नवलगढ़ कस्बे से ही पूर्ण हुई। पोदार महाविद्यालय से बीएससी प्रथम वर्ष में अध्ययन करते हुए आपका सिविल इंजीनियरिंग के लिए एनआईटी ,जमशेदपुर में सिलेक्शन हुआ। वहां से बीटेक पूर्ण करने के बाद राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, जयपुर में 2 मई 1985 को कनिष्ठ अभियंता के पद पर आपकी की प्रथम नियुक्ति हुई। अध्ययन में बहुत अधिक मेधावी तथा विद्यार्थी जीवन से ही वाक्पटुता के धनी आप रहे हैं। 26 नवम्बर 1987 को PWD में कनिष्ठ अभियंता के पद पर चयन हो जाने के कारण आपने प्रदूषण नियंत्रण मण्डल से अपना त्यागपत्र दे दिया । नवम्बर 27 1987 को कनिष्ठ अभियंता PWD में मावली,उदयपुर में आपने कार्यग्रहण किया।PWD में आप कनिष्ठ अभियन्ता पद पर 1987 से 1998 तक अपनी सेवायें मावली,जोधपुर,जैसलमेर,जयपुर,लक्ष्मणगढ,झुंझुनूं,फतेहपुर,बाङमेर,सिंघाना,बिसाऊ आदि स्थानों पर देते हुए एक से बढ़कर एक उपलब्धि हासिल की 16 जून 200 8 को आप सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नति के बाद उपखंड उदयपुरवाटी व उपखंड सीकर में अपनी बेहतरीन सेवाओं के लिए आज भी आप जाने जाते है। आप 1 सितम्बर 2017 से 8 मार्च 2019 तक आप राजस्थान राज्य मेला प्राधिकरण,जयपुर में अधिशाषी अभियन्ता के पद पर कार्यरत रहे। तत्पश्चात 9 मार्च 2019 से 31 जनवरी 2020 तक अधिशाषी अभियन्ता के पद पर उदयपुरवाटी खण्ड में पदस्थापित रहते हुए पहाङी क्षेत्र में सङकों का जाल बिछाया। खोह,मणकसास,बागोली,पचलंगी,पापङा जैसे गांवों को सङको से जोङने का काम महत्त्वपूर्ण कार्य आपने किया । 31जनवरी 2020 को आप राजकीय सेवा से अधिशाषी अभियन्ता के पद से सेवानिवृत होने के बाद अनवरत रूप से समाज सेवा में संलग्न हैं। 💐 पोदार महाविद्यालय,नवलगढ में अध्ययन करते हुए आपने माली समाज को संगठित करने का पूरा प्रयास किया । महाविद्यालय में मनुवादी सोच के लोग जाति के नाम से समाज के छात्र छात्राओं को नीचा दिखाने का प्रयास करते थे। इसका प्रत्युत्तर देने के लिए आपने प्रयास करके सैनी विद्यार्थी परिषद् का गठन किया। जिससे छात्र राजनीति में माली समाज का दबदबा बढ़ा। धीरे-धीरे महाविद्यालय की राजनीति में समाज के छात्र-छात्रा भी अपना वर्चस्व रखने लगे। आगे चलकर इसी महाविद्यालय से कई छात्र- छात्र छात्र परिषद चुनाव में विजयी हुए। आप खेल के क्षेत्र में भी विशेष रूचि रखते थे। फुटबॉल आपका प्रिय खेल है। फुटबाल में 1977 में राजस्थान जूनियर चैंपियनशिप खेलते हुए आपने अपनी टीम को जीत दिलाई । इसके अतिरिक्त हॉकी, दौड़ भी आपके पसंदीदा खेल रहे हैं। महाविद्यालय में खलते हुए आपने 400 तथा 800 मीटर दौड़ में पदक जीते हैं।आप उच्च कोटि के धावक भी रहे हैं। खेल के क्षेत्र में अनेक पुरस्कार आपने प्राप्त किए हैं । इसके साथ साथ अपनी बेहतरीन राजकीय सेवाओं में उत्कृष्ट सेवा के लिए भी आप अनेक बार सम्मान प्राप्त कर चुके हैं। ऐसे होनहार,प्रतिभा संपन्न,कर्मयोगी,कर्तव्य परायण,कर्मठ व्यक्तित्व पर माली समाज को बङा गर्व है। 💐 इन सभी उपलब्धियों के पीछे आपके पिताश्री तथा झुंझुनूं माली समाज की आन,बान,शान आदरणीय स्व.श्री भोलारामजी नेताजी का बहुत बड़ा हाथ रहा है। आदरणीय नेताजी मुंबई चौपाटी से अपनी जन सेवा प्रारंभ करके पूरा जीवन समाज सेवा के नाम समर्पित कर दिया ।झुंझुनू जिला ही नहीं बल्कि पूरा प्रदेश माली समाज पूज्य स्व. श्री भोलारामजी नेताजी के नाम पर गर्व करता है। उनकी उपलब्धियों तथा सामाजिक सेवा की यदि यहां व्याख्या की जाए तो वो बहुत थोड़ी होगी। नवलगढ़ सैनी छात्रावास निर्माण में उनके द्वारा किए गये अनुकरणीय व प्रशंसनीय कार्य के लिए आने वाली पीढियां सदियों -सदियों तक उनको याद करती रहेंगी।किन- किन परिस्थितियों में लोगों से पैदल घूम घूम कर चंदा इकट्ठा करके इस भवन की नींव रखी वो तो वो ही जान सकते हैं।आज छात्रावास का द्विमंजिला भव्य भवन आदरणीय नेताजी की स्मृति ताजा कर देता है। जब नेताजी के पास बैठते थे तो छात्रावास निर्माण की कहानी अपने शब्दों में जब बया करते थे तो आंखो में अश्रुधारा प्रस्फुटित हो जाती थी। समाज सेवा के साथ-साथ राजनीतिक क्षेत्र में भी पूरी दखलनदाजी नेताजी की रहती थी। बड़े स्पष्टवक्ता तथा दबंग तरीके से बात करने का उनका ढंग अपने आप में निराला और बेमिसाल था। यह आप सब जानते हैं कि 1990 में बसपा से नवलगढ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ते हुए श्री भंवरसिंह शेखावत को उन्होंने नाको चने चबा दिए थे। यदि वहां समर्थकों द्वारा धैर्य से काम लिया जाता और विवाद की स्थिति नहीं होती तो हम चुनाव जीत भी सकते थे। लेकिन चुनाव चाहे हम नहीं जीत सके वो एक अलग बात है लेकिन राजनीतिक जनजागृति के भाव जो नेताजी ने पैदा किए वो प्रेरणादायक और ग्राह्य हैं। इस चुनाव के बाद झुंझुनू जिले में माली समाज का राजनीतिक कद बढ़ा।हमारे वोट को पहचान और सम्मान मिला 29 जून 2015 को नेताजी हमसे बिछुड़ गए।उनके द्वारा किए गए सामाजिक व सांस्कृतिक कार्य आज भी श्रद्धा से याद किए जाते हैं। उनके परिवार जनों की ओर से स्व. नेताजी भोलाराम सैनी स्मृति सेवा संस्थान, नवलगढ़ के नाम से ट्रस्ट की स्थापना कर रखी है। प्रतिवर्ष उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम के साथ प्रतिभा सम्मान तथा अन्य समाजहित के कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ साथ जनसेवा तथा जनहित के कार्य संस्थान लगातार कर रहा है। इसके लिए आदरणीय श्री मूलचंद जी सैनी एवं उनके परिवार का मैं माली समाज की ओर से हार्दिक साधुवाद व धन्यवाद ज्ञापित करना चाहूंगा। 🌷XEN साहब की संतान🌷 💐 आदरणीय श्री XEN साहब का बड़ा पुत्र वैभव सैनी,इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी से बीटेक है, जो वर्तमान समय चंडीगढ़ में कार्यरत है। छोटा बेटा गौरव सैनी भी बीटेक है जो सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, और वर्तमान में स्वीडन में कार्यरत है । बेटी डॉ. खुशबू सैनी ,एमबीबीएस तथा एनीथिंसिया से पीजी हैं । जो वर्तमान में मणिपाल अस्पताल,जयपुर में अपनी विशिष्ट सेवाएं चिकित्सा के क्षेत्र में प्रदान कर रही हैं। आपके दामाद माननीय डॉ ऋषि सिंगोदिया जनरल सर्जन है। जो वर्तमान में एस के हॉस्पिटल ,सीकर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 💐 आपका विवाह एम टेक करते वक्त 26 नवंबर 1984 को जोधपुर के स्वर्गीय श्री शंकरसिंह जी गहलोत व श्रीमती शांति देवीजी गहलोत की सुपुत्री पूज्या श्रीमती संध्या जी गहलोत के साथ संपन्न हुआ। आपके श्वसुर उच्च कोटि के समाजसेवी तथा समाज सुधारक व्यक्तित्व रहे हैं। आपके ब्रदर इन लॉ श्री संजीव जी गहलोत,भारत सरकार के उपक्रम m.e.s. में उच्चतम पद पद DG (DIROCTOR GENERAL) पद पर वर्तमान में दिल्ली में पदस्थापित हैं। आदरणीय श्री संजीव जी गहलोत उच्च पदाधिकारी होने के साथ साथ उच्च कोटि के समाजसेवी भी हैं।आपकी अर्धांगिनी श्रीमती संध्याजी गहलोत भी हाॅकी की राष्ट्रीय खिलाड़ी रही है। पति-पत्नी दोनों ही खेल के क्षेत्र में अनेक पुरस्कार जीते हैं। तथा अब जीवन रूपी खेल की पारी बङे प्रेम,स्नेह और आनंद से खेल रहे हैं। 💐 इस प्रकार त्याग और आशक्ति के बल पर आगे बढ़ते हुए दूसरों को सुख, प्रेरणा, आनंद ,उत्साह, संजीदगी ,उत्कंठा ,आस्था, विश्वास ,श्रद्धा और सेवा का प्रसाद देने वाले, आध्यात्मिक सुख को भोगने वाले, मर्यादाओं के पालक, नागरिक कर्तव्यों के पालनहार ,समाजनिष्ठ व्यक्तित्व, चारों और मधुरता, स्वच्छता, सादगी, एवं सज्जनता का वातावरण निर्मित करने, वाले राष्ट्रीय एकता एवं समता के प्रति निष्ठावान ,नम्रता ,निर्भिकता निडरता,नियमितता जैसे जीवन आपके विशिष्ट अंग हैं । अपने जीवन में स्वच्छता, सादगी, संतोष, सेवा, सौहार्द्र ,संयम, समय पालन ,स्वावलंबन, स्वाध्याय ,सदाचार, शिष्टाचार प्रेम और सत्यवादी था जैसे मानवीय मूल्यों को जीवन में पिरोकर रखने वाले, अपने जीवन को समुन्नत और उच्चतम शिखर पर पहुंचाने वाले आदरणीय श्री मूलचंद जी सैनी के लिए सुखद और स्वच्छ जीवन की कामना परमपिता परमेश्वर से करता हूँ। 👉समाज के नाम संदेश- समाज के नाते हम दुःख सुख में एक दूसरे के भागीदार बनें। यह जीवन अल्प और क्षणभंगुर है,न जाने कब इसकी शाम हो जाए। इसलिए वैर-विरोध को त्यागकर प्रेम पूर्वक जीवन यापन करें। हमारे पूर्वजों ने जो समाज सेवा का पाठ पढाया है उसको अंगीकार करें। याद रखें जैसी करनी वैसी भरनी।इसलिए जीवन में यदि किसी का भला न कर सकें तो कम से कम किसी का बुरा तो नहीं करें। आशा है आदरणीय श्री XEN साहब के संदेश को आत्मसात कर समाज बन्धु जीवन में उतारने का संकल्प लेगें। अन्त में एक मुक्तक के साथ मेरी लेखनी को विराम देना चाहूंगा- 🌷 परेशानियों से भागना आसान होता है, हर मुश्किल जिंदगी में एक इम्तिहान होता है। हिम्मत हारने वाले को कुछ नहीं मिलता जिंदगी में, और मुश्किलों से लड़ने वाले के कदमों में जहां होता है।🌷 🙏जय फुले,जय समाज🙏

Sunil Kumar Saini

Sunil Kumar Saini

Pakori dhani, Jhunjhunu, Jhunjhunu, Rajasthan

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