मृत्युभोज जीमने से पहले इस नन्हे से बालक पर गौर कीजिए

मृत्युभोज जीमने से पहले इस नन्हे से बालक पर गौर कीजिए

मृत्युभोज जीमने से पहले इस नन्हे से बालक पर गौर कीजिए । थाली पर बैठने से पहले इस बच्चे की मासूमियत पर अपनी नजर दौड़ाइये । फिर खाने का निवाला मुँह में लिजिए फिर इस बच्चे की पांच साल बाद की तश्वीर देखिये जब यह अपनी माँ की मेहनत से तैयार की गई फसल को बेचकर आपके एक वक्त के भोजन का ब्याज चुकायेगा । स्कूल तो दूर की बात यह दिन रात खेत में धूप में पसीने से तर बतर फटे कपड़ों से शरीर को ढकते हुए आपके एक वक्त के भोजन के एक एक कोर का हिसाब करेगा । आपका एक दिन का पेट एक मासूम को जिंदगी भर भूखा रख देगा । यह बड़े अफसोस की बात है । आप खुद को पढ़ा लिखा सभ्य इंसान मानते होंगे मगर मैं आपको एक नरभक्षी दानव से भी बदतर प्राणी मानूँगा क्योंकि नरभक्षी दानव एक झटके में ही मार डालता दो या तीन तरह की मिठाईयां , पुड़ी , दो दो सब्जिया , आदि ...... अफिम , डोडा पोस्त , बिड़ी , जर्दा लाओ तब जा के होता है मृत्युभोज और वो ही लोग 12 वे दिन तक खा - पी कर बोलेगे इन्होंने किया ही क्या बुरी लगे तो लगे पर यह बंद करो

Sona  Devi

Sona Devi

Maliyo Ka Mhola Didwana, कलवानी रोड सर्किल के पास, Nagaur, Rajasthan

[ 797 Posts ]

Recent Comments