26 मई को गायत्री परिवार द्वारा विश्वभर में होने वाले प्रयोग में शामिल होएं

26 मई को गायत्री परिवार द्वारा विश्वभर में होने वाले प्रयोग में शामिल होएं

कोरोना महामारी निवारण हेतु दिनांक 26 मई को पूरे विश्व में गायत्री परिवार द्वारा घर घर यज्ञ करने का आह्वान किया गया है।राष्ट्रीय फुले ब्रिगेड के राष्ट्रीय संयोजक सीपी सैनी जी ने भी इस अभियान में सम्मिलित होने के लिए आमजन का आह्वान किया है। महिला विंग राजस्थान के प्रदेश प्रभारी ज्ञानेश्वरी चौहान ने इसकी अधिक जानकारी देते हुए बताया कि जो यज्ञ नहीं कर सकते हैं वे पांच दीपक व अगरबत्ती जलाकर परिवार के सभी सदस्य एकसाथ बैठकर सभी देवशक्तियों को प्रणाम करें। 24 बार “गायत्री मंत्र " का उच्चारण करें व हर मंत्र के पश्चात “स्वाहा” बोलें और आहुति दी जा रही है ऐसा भाव बनाये। "समय" का विशेष ध्यान रखें क्योंकि पूरे विश्व में एक ही समय पर कई लोग इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। सामूहिकता में काफी “शक्ति" होती है अतः इसी समय में यह आयोजन करके आप भी उस सामूहिक शक्ति से लाभान्वित होंगे। दिनांक 26 मई को सुबह 9:00 से 11:00 के मध्य । अधिक जानकारी हेतु स्थानीय "गायत्री परिवार" के सदस्य से अथवा 6377802252 पर सम्पर्क करें। साथ ही हवन दीपयज्ञ करते हुए की अपनी फोटो नाम और स्थान के साथ ऊपर दिए गए no पर अवश्य भेजे। जबसे महामारी आई है, सेनिटाइजेशन की चर्चा बहुत जोर पकड़ रही है। इसके लिए सरकार भारी मात्रा में रासायनिक स्प्रे और धुएं का इस्तेमाल कर रही है। अधिकांश लोगों का यह मानना है कि महामारी के आने के बाद यह सब हो रहा है। लेकिन नहीं। हमारे पूर्वज ऋषि मुनि बहुत पहले से ही यह सब कर रहे हैं यज्ञ या हवन के नाम से। यज्ञ में प्राकृतिक पदार्थों का उपयोग किया जाता है। वैदिक मंत्रपाठ के साथ यज्ञाग्नि प्रज्ज्वलित करने के उपरांत आहूतियां दी जाती हैं। मंत्रों से पदार्थ में चेतना उत्पन्न होती है। आहुति में शाकल्य नाम के ५८ प्रकार की जड़ीबूटियों के चूर्ण का मिश्रण डाला जाता है। विभिन्न रोगों के इलाज के लिए भिन्न भिन्न समिधाओं और हवन सामग्री का इस्तेमाल किया जाता हैं। गिलोय, अश्वगंधा, ब्राम्ही, शताबर, अश्वत्थ, पलाश जैसी साधारण पेड़ पौधों के छिलका, कांड, पत्ते, जड़ और फूल आदिके चूर्ण का इस्तेमाल इसके लिए किया जाता है। आइए, भारतीय वैदिक प्राचीन, संस्कृति को पुनः अपनाकर, करें एक आहुति समर्पित। यज्ञ एक विज्ञान है। ना कि पाखंड। इस आध्यात्मिक प्रयोग का हिस्सा बनिए । अतः आप भी अपने घर पर यज्ञ करें।

Gyaneshwari Chouhan

Gyaneshwari Chouhan

Purani Ginnani, Bikaner, Bikaner, Rajasthan

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